तीसरी लहर

 तीसरी लहर के विषय में -

   ____________________________________________________________________________
9 अप्रैल 2021को अमर उजाला में प्रकाशित : नहीं आएगी तीसरी वेव !आई आईटी  कानपुर के प्रोफ़ेसर 
प्रो. मणींद्र ने कहा कि यूपी में संक्रमितों की संख्या काफी कम है। मॉडल के अनुसार यहां संक्रमण बढ़ने की संभावना भी काफी कम है। उन्होंने तीसरी वेव आने से भी इंकार किया है। प्रो. मणींद्र का कहना है कि तीसरी वेव जब तक शुरू होगी, उस समय तक 70 फीसदी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ चुकी होगी।

15अप्रैल 2021को नवभारत में प्रकाशित : नितिन गडकरीने कहा कि 1 महीने के भीतर कितना खतरनाक हो जाएगा कोरोना, कोई नहीं जानता, तैयार रहें लोग !
1 मई 2021 को बी बी सी लंदन प्रकाशित : कोरोना की तीसरी लहर या किसी और महामारी के लिए भारत कितना है तैयार ?भारत में पिछले 14 महीनों में एक अदृश्य दुश्मन ने दो लाख से अधिक लोगों को मार डाला है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को बेबस कर दिया है.महामारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बेदम कर दिया है. लोग भयभीत और असुरक्षित हैं, ये राष्ट्र की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण और गंभीर मामला है, क्योंकि ये शत्रु अब भी हर रोज़ घातक हमले किए जा रहा है.भारत के पाकिस्तान के साथ तीन बड़े युद्ध हुए और चीन के साथ एक. पिछले दो दशकों में भारत पर कई घातक चरमपंथी हमले हुए जिनमें सैकड़ों देशवासियों की जानें गईं.अब तक हुए छोटे-बड़े सभी युद्धों और चरमपंथी हमलों को मिलाकर भी इतने लोग नहीं मरे या अर्थव्यवस्था को इतनी क्षति नहीं पहुँची जितनी इस अदृश्य दुश्मन से पहुँच रही है और गंभीर बात ये है कि यह सब कुछ अभी थमा नहीं है | 

5-5-2021  को इंडिया डॉट कॉम पर प्रकाशित :   कोरोना की तीसरी लहर के बिषय में सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन ने स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को नहीं टाला जा सकता है.इसलिए  कोरोना की तीसरी लहर आएगी। इसे कोई नहीं रोक सकता है। हालांकि, यह कब आएगी और यह कैसे इफेक्ट करेगी, अभी कहना मुश्किल है।
7-5-2021  को ABP न्यूज में प्रकाशित :कोरोना की तीसरी लहर के बिषय में सरकार के प्रधानवैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन ने 5 मई को दिया अपना बयान  बदल दिया और कहा है -" अगर हम मजबूत उपाय करते हैं तो ऐसा संभव है कि देश में अगली लहर कहीं ना आए !"https://www.abplive.com/news/india/principal-scientific-advisor-to-centre-vijay-raghavan-says-if-we-take-strong-measures-the-third-wave-may-not-happen-in-all-the-places-or-indeed-anywhere-at-all-1911276 
8 -5-2021को जीन्यूज उत्तर प्रदेश की साईट में प्रकाशित : IIT कानपुर के इस प्रोफेसर का दावा है कि जुलाई तक कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप काफी कम हो जाएगा. लेकिन उनका दूसरा दावा भारत के लिए चिंताजनक है. उन्होंने डेटा एनालिसिस करके बताया है कि अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर देश में शुरू हो जाएगी.
08 मई 2021भारत में कोरोना कहर के बीच में एक राहत की भी खबर है कि इस महीने कोरोना अपने पीक पर तो होगा, मगर जून में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह देने वाली एक्सपर्ट्स की एक टीम ने सुझाव दिया है कि आने वाले कुछ दिनों में भारत में कोरोना वायरस अपने पीक पर होगा। मगर पिछले महीने इसी टीम का अनुमान गलत साबित हुआ था और कोरोना का कहर और बढ़ गया। हालांकि, इस टीम का हाल का अनुमान उन वैज्ञानिकों के सुझाव के करीब है, जिनका मानना है कि मई के मध्य तक भारत में कोरोना अपने पीक पर होगा। 

14 मई 2021 आज तक पर प्रकाशित : डॉ. वीके पॉल ने कहा कि ये आरोप गलत है कि सरकार को कोरोना की दूसरी लहर की जानकारी नहीं थी. हम लगातार लोगों को विभिन्न प्लेटफॉर्म्स से चेतावनी दे रहे थे !हम ये भी बता रहे थे कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर आएगी. देश में अभी सीरो पॉजिटिविटी 20 फीसदी है. 80 फीसदी आबादी अब भी संक्रमण का शिकार हो सकती है | https://www.aajtak.in/science/photo/indian-govt-says-covid-19-peak-will-come-virus-emerge-again-tstr-1254782-2021-05-14-6
14 मई 2021 आज तक पर प्रकाशित : एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. वीके पॉल से पूछा गया कि क्या वायरस अपने उच्चतम स्तर यानी पीक पर पहुंच गया है. तब उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मॉडलिंग सिस्टम नहीं है, जिससे ये अंदाजा लगाया जा सके !कोरोना वायरस के अबूझ व्यवहार की वजह से ये बहुत मुश्किल है. ये बात पूरी दुनिया जानती है.| डॉ. पॉल ने बताया कि कोरोना वायरस का उच्चतम स्तर आना बाकी है. क्योंकि ये वायरस कभी भी अपना रौद्र रूप ले सकता है. बस इतनी सी बात हमें पता है |https://www.aajtak.in/science/photo/indian-govt-says-covid-19-peak-will-come-virus-emerge-again-tstr-1254782-2021-05-14-6 
14 मई 2021 आज तक पर प्रकाशित : नीतिआयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल से पूछा गया कि क्या कोरोना का पीक समाप्त हो  गया है ?इसके जवाब में डॉ. वी.के. पॉल ने कहा -महामारी से जल्द निजात मिलने की कोई संभावना नहीं है. सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वायरस कहीं नहीं गया है और पीक के आगे भी आने की आशंका है. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि कोरोना फिर से खतरनाक रूप में सामने आ सकता है, इसलिए तैयारियों को तेज किया जाना चाहिएhttps://www.aajtak.in/science/photo/indian-govt-says-covid-19-peak-will-come-virus-emerge-again-tstr-1254782-2021-05-14-6. 
14 मई 2021 को मनी कंट्रोल डॉट कॉम पर प्रकाशित:विश्व स्वास्थ संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा, 'महामारी का दूसरा साल पहले साल के मुकाबले बहुत ही जानलेवा होने की ओर बढ़ रहा है।'इसलिए अमीर देशों से गुजारिश है कि वे फिलहाल बच्चों को वैक्सीन देने के बजाय कोवैक्स के लिए डोज दान करें। इसकी वजह बताते हुए डब्लूएचओ चीफ टेड्रोस अधानोम ने 14 मई को कहा कि कोरोना महामारी का दूसरा साल पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा जानलेवा होगा । https://hindi.moneycontrol.com/news/world/who-chief-urges-wealthy-nations-to-not-vaccinate-kids-instead-donate-vaccine-doses-to-poorer-countries-258987.html
2 जून 2021 में टाइम्स नाउ डिजिटल पर प्रकाशित :एसबीआई इकोरैप ने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का हवाला देते हुए मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर, दूसरी लहर की तरह ही घातक हो सकती है। एसबीआई का कहना है कि तीसरी लहर देश में 98 दिनों तक रह सकती है।
4-जून-2021 को न्यूज नेशन में प्रकाशित :सितंबर-अक्टूबर तक कोरोना की तीसरी लहर आनी तय : नीति आयोग !स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने कहा कि भारत के महामारी विशेषज्ञों ने बहुत स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कोविड-19 की तीसरी लहर अपरिहार्य है और इसके सितंबर-अक्टूबर से शुरू होने की आशंका है |https://www.newsnationtv.com/health/news/niti-ayog-clarifies-about-kids-vaccination-in-india-189125.html
9-जून -2021 को हिंदुस्तान में प्रकाशित :भारतीय प्रौद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी) के विशेषज्ञों ने कहा - "भारत में भी तीसरी लहर ज्यादा बड़ी नहीं होगी। यह पहली और दूसरी लहर की तुलना में बहुत कमजोर हो सकती है।" 
18 जून 2021 को जनतासेरिश्ताडॉटकॉम पर प्रकाशित: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की ओर से कराए गए सर्वे में विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि कोरोना कम से कम एक साल और जन स्वास्थ्य के लिए चिंता की वजह बना रहेगा। दुनियाभर के 40 हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट, डॉक्टर, साइंटिस्ट, वायरोलॉजिस्ट और महामारी विशेषज्ञों को इस सर्वे में शामिल किया गया था। 3-17 जून के बीच कराए गए इस सर्वे में जिन विशेषज्ञों ने माना कि तीसरी लहर आएगी, 85 फीसदी या 24 में से 21 ने कहा कि तीसरी लहर अक्टूबर तक आएगी। तीन अन्य ने इसके अगस्त में आने की भविष्यवाणी की तो 12 ने सितंबरमें शुरुआत की बात कही है। अन्य ने कहा कि तीसरी लहर नवंबर से फरवरी के बीच आ सकती है।https://jantaserishta.com/national/another-wave-of-corona-will-shake-the-country-third-wave-of-corona-may-knock-in-india-by-october-health-experts-warn-928135

19 जून 2021 को दैनिकभास्कर डॉट कॉम पर प्रकाशित:अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीपगुलेरिया ने चेतावनी दी कि यदि कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया गया और भीड़-भाड़ नहीं रोकी गई तो अगले छह से आठ सप्ताह में वायरल संक्रमण की अगली लहर देश में दस्तक दे सकती है।https://www.bhaskar.com/national/news/third-wave-in-6-8-weeks-if-covid-appropriate-behaviour-not-followed-says-aiims-chief-doctor-randeep-guleria-128613817.html 
  23 जून 2021 को हिंदुस्तान में प्रकाशित: कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर आईआईटी कानपुर के दो वैज्ञानिकों के दावे अलग-अलग हैं। सर गणितीय मॉडल के आधार पर प्रो. राकेश रंजन दावा कर रहे हैं कि सितंबर-अक्तूबर में तीसरी लहर का पीक होगा और वह काफी खतरनाक साबित होगी, जबकि संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल सूत्र गणितीय मॉडल के आधार पर तीसरी लहर को दूसरी लहर की अपेक्षा कमजोर मान रहे हैं।https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/story-different-claims-of-iit-scientists-regarding-the-third-wave-of-covid-19-4152949.html 
27जून 2021 को अमर उजाला में प्रकाशित : केंद्र सरकार के कोविड-19 वर्किंग ग्रुप के प्रमुख एनके अरोड़ा ने आज कहा कि देश में कोरोना की तीसरी लहर दिसंबर तक टल सकती है। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि ICMR की स्टडी से पता चला है कि तीसरी लहर देश में देरी से आएगी।https://www.amarujala.com/india-news/covid-working-group-chairman-dr-nk-arora-says-icmr-has-come-up-with-a-study-which-says-corona-third-wave-is-likely-to-come-late 
 28 जून 2021 को न्यूज 18 पर प्रकाशित: कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि महामारी की अगली लहर का निश्चित समय नहीं बताया जा सकता. उन्होंने कहा कि किसी भी अगली लहर का कोई भी समय निश्चित करना तर्कसंगत नहीं होगा क्योंकि कोरोना का व्यवहार अनिश्चित है |   https://hindi.news18.com/news/nation/unfair-to-put-a-date-for-any-covid-wave-as-the-behaviour-of-coronavirus-is-unpredictable-says-vk-paul-3637407.html 
3 जुलाई 2021को नवभारत में प्रकाशित :IIT कानपुर की स्टडी में दावा- कोरोना की तीसरी लहर कमजोर रहेगी बशर्ते कोई नया म्यूटेंट न आए !दूसरी बात अगस्त का महीना काफी अहम है |https://navbharattimes.indiatimes.com/india/covid-19-third-wave-will-be-ripple-in-absence-of-faster-spreading-mutant-says-iit-kanpur-study/articleshow/84093418.cms  
5 जुलाई 2021 को  नवभारत में प्रकाशित: एसबीआई की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर अगस्त में आने की संभावना है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में लहर का पीक हो सकता है। https://navbharattimes.indiatimes.com/india/coronavirus-third-wave-likely-in-august-will-reach-peak-in-september/articleshow/84143490.cms 
15 जुलाई 2021को दैनिक भास्कर में :कोरोना की तीसरी लहर पर IIT कानपुर के 2 प्रोफेसरों के दावे अलग-अलग हैं। प्रो. राजेश रंजन की स्टडी के मुताबिक अगस्त में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ेगी। सितंबर-अक्टूबर में पीक आएगा।प्रो. मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक तीसरी लहर के आने का समय अभी स्पष्ट नहीं है। रिसर्च के बाद ही इसकी भयावहता का अनुमान लगाया जा सकता है। प्रो. मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक तेजी से वैक्सीनेशन होने के कारण तीसरी लहर कमजोर होगी। प्रो. रंजन की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि उस स्टडी में वैक्सीनेशन को शामिल नहीं किया गया है। जबकि वैक्सीनेशन की स्टडी के बिना पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर प्रो. रंजन की स्टडी को टैग करते हुए स्पष्ट किया कि यह उनकी रिपोर्ट नहीं है। उनकी स्टडी चल रही है, जिसके परिणाम वे जल्द साझा करेंगे।https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/kanpur/news/uttar-pradesh-covid-iit-kanpurpro-claim-in-ranjans-study-corona-patients-will-start-increasing-from-august-padmashree-prof-aggarwal-said-the-third-wave-will-be-weak-vaccination-is-happening-128627975.html

16 जुलाई 2021 को अमर उजाला में प्रकाशित -दुनिया कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर सहमी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूूएचओ) के प्रमुख टेड्रॉस ए. गेब्रेयेसिस ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर अभी शुरुआती दौर में हैं। दुनियाभर में डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या अभी गिनती में हैं। अभी इसे बेकाबू होनेसे रोकना संभव है, हमेशा की तरह इस बार भी अगर लापरवाही हुई तो पहले से भी भयावह नतीजे सामने होंगे। https://www.amarujala.com/world/the-third-wave-of-corona-is-still-in-its-early-stages-serious-consequences-if-not-stopped-in-time
विशेष बात :सूत्र ऐनालिसिस करने वाले वैज्ञानिकों की टीम में शामिल आईआईटी कानपुर के प्रफेसर मनिंदर अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तीन संभावित स्थितियों की भविष्यवाणी की है। 1. तीसरी लहर छोटी हो सकती है 2.तीसरी लहर कमजोर हो सकती है।3.वायरस का कोई तेजी से फैलने वाला म्यूटेंट आ जाता है तो तीसरी लहर पहली वाली लहर के जैसे ही होगी।    प्रफेसर अग्रवाल ने कहा, 'जो सबसे आशावादी अनुमान है, उसके मुताबिक अगस्त तक जीवन सामान्य ढर्रे पर आ जाएगा बशर्ते कि कोई नया म्यूटेंट न आए। दूसरा अनुमान यह है कि टीकाकरण 20 प्रतिशत कम प्रभावी होगा। तीसरी स्थिति निराशाजनक है जिसके मुताबिक अगस्त में एक नया म्यूटेंट सामने आ सकता है जो 25 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक होगा।'सूत्र मॉडल के मुताबिक, अगर कोरोना वायरस का कोई ऐसा म्यूटेंट आ जाए जो बड़े पैमाने पर वैक्सीन को भी चकमा दे दे या जो ठीक हो चुके लोगों की इम्युनिटी को भी भेद सके तो ऊपर की तीनों संभावित परिस्थितियों का अनुमान अमान्य हो जाएगा।अग्रवाल द्वारा साझा किए गए ग्राफ के अनुसार तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच अपने चरम पर पहुँच सकती है। 
   विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने पिछले साल गणितीय मॉडल का उपयोग कर कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए समिति का गठन किया था। समिति में आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक अग्रवाल के अलावा आईआईटी हैदराबाद के वैज्ञानिक एम विद्यासागर और एकीकृत रक्षा स्टाफ उप प्रमुख (मेडिकल) लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर भी हैं। इस समिति को कोविड की दूसरी लहर की सटीक प्रकृति का अनुमान नहीं लगाने के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा था।ये वही वैज्ञानिक मनींद्र अग्रवाल हैं जिन्होंने अप्रैल की शुरुआत में गणितीय मॉडल के माध्यम से अनुमान लगाया गया था कि देश में 15 अप्रैल तक संक्रमण की दर अपने चरम पर पहुंच जाएगी, लेकिन यह सत्य साबित नहीं हुई। अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा चरण के लिए हमारे मॉडल के मापदंड लगातार बदल रहे हैं, इसलिए एकदम सटीक आकलन मुश्किल है।आईआईटी के विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लहर दूसरी लहर से कमजोर होगी. एक्सपर्ट्स ने कहा कि तीसरी लहर कब आएगी इसको लेकर ठोस भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. 
  वैज्ञानिक मनींद्र अग्रवाल ने बताया कि महामारी का पूर्वानुमान लगाने के लिए मॉडल में तीन मापदंडों का इस्तेमाल किया गया है। पहला बीटा या संपर्क, जिसकी गणना इस आधार पर की जाती है कि एक व्यक्ति ने कितने अन्य को संक्रमित किया। उन्होंने बताया कि दूसरा मापदंड है कि महामारी के प्रभाव क्षेत्र में कितनी आबादी आई, तीसरा मापदंड पुष्टि हुए और गैर पुष्टि हुए मामलों का संभावित अनुपात है। 
विशेषबात : आईआईटी कानपुर के द्वारा की गई इस रिसर्च का मतलब वह जनता क्या समझे जिसे मदद पहुँचाने के लिए ऐसे  रिसर्च किए जाते हैं और यदि उस जनता को कुछ समझ में ही नहीं आया तो ऐसे रिसर्च का मतलब क्या है और इस संपूर्ण वक्तव्य में कुछ निराधार तीर तुक्के जरूर दिखाई पड़ रहे हैं किंतु भविष्यवाणी जैसी कोई बात तो दूर दूर तक नहीं है | 
2 अगस्त 2021 को आजतक में प्रकाशित: हैदराबाद और कानपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मेंमथुकुमल्ली विद्यासागर और मनिंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में किए गए शोध में यह दावा किया गया है कि अक्टूबर में तीसरी लहर का पीक देखने को मिल सकता है. ब्लूमबर्ग के अनुसार विद्यासागर ने एक ईमेल में बताया कि केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के चलते स्थिति फिर गंभीर हो सकती है | 
23-अगस्त -2021 को नवभारत में प्रकाशित :- कोरोना महामारी का कहर झेल रहे भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो मणींद्र अग्रवाल का दावा है कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका अब न के बराबर है। प्रो अग्रवाल ने यह दावा गणितीय सूत्र मॉडल के आधार पर किया है। https://navbharattimes.indiatimes.com/video/news/coronavirus-third-wave-unlikely-to-come-in-india-says-new-study-of-iit-kanpur-professor-manindra-aggarwal/videoshow/85556344.cms
 30-अगस्त 2021 को प्रभात खबर में प्रकाशित :गृहमंत्रालय की एक कमेटी ने कोरोना थर्ड वेव को खतरनाक बताया है जबकि आईआईटी-कानपुर के वैज्ञानिक मणिंद्रअग्रवाल ने कहा कि वायरस का अगर कोई नया वैरिएंट नहीं आया तो इसकी तीव्रता खतरनाक नहीं होगी. उन्होंने कहा -"भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच चरम पर हो सकती है। हालांकि इसकी तीव्रता दूसरी लहर की तुलना में काफी कम होगी।अगर तीसरी लहर आती है तो देश में प्रतिदिन एक लाख मामले सामने आएंगे। " ज्ञात रहे कि पिछले महीने, मॉडल के मुताबिक बताया गया था कि तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच में चरम पर होगी और रोजाना मामले प्रति दिन डेढ़ लाख से दो लाख के बीच होंगे !" 
विशेष बात :विद्यासागर की टीम के अनुमान गलत साबित हुए. उनका अनुमान था कि जून महीने के मध्य तक कोविड वेव पीक पर होगी उन्होंने तब ट्विटर पर लिखा था कि ऐसा गलत पैरामीटर्स के चलते हुआ | इसी साल मई में IIT हैदराबाद के एक प्रोफेसर विद्यासागर ने कहा था कि भारत के कोरोनावायरस का प्रकोप मैथेमेटिकल मॉडल के आधार पर कुछ दिनों में पीक पर हो सकता है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, उस वक्त विद्यासागर ने बताया था ‘हमारा मानना है कि कुछ दिनों के भीतर पीक आ जाएगा. मौजूदा अनुमानों के अनुसार जून के अंत तक प्रतिदिन 20,000 मामले दर्ज किए जा सकते हैं.’उन्होंने ने ही फिर भविष्यवाणी की है -  
14सितंबर 2021 को नवभारत में प्रकाशित :कोरोना की महामारी फिलहाल अभी खत्‍म होने नहीं जा रही है। यह कम से कम 6 और महीने रहेगी। पूरा दारोमदार वैक्‍सीनेशन पर है। महामारी से तभी मुक्ति मिलेगी जब 90 से 95 फीसदी लोगों का वैक्‍सीनेशन हो जाएगा। अभी यह दूर की कौड़ी है। ब्‍लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में एक्‍सपर्ट्स के हवाले से कोरोना महामारी के 6 महीने के आउटलुक पर यह बात कही है। उधर, बीएचयू के एक साइंटिस्‍ट ने दावा किया है कि अगले तीन महीने में कोरोना की तीसरी लहर देश में दस्‍तक दे देगी।https://navbharattimes.indiatimes.com/india/will-schools-be-closed-again-work-from-home-corona-will-not-go-for-6-months-third-wave-will-come-in-3-months-experts-claim/articleshow/86179538.cms 
8 सितंबर 2021 को अमर उजाला में प्रकाशित: कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केरल और महाराष्ट्र में संख्या बढ़ने की वजह उच्च स्तर का परीक्षण है। वहीं कुछ विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह तीसरी लहर है जिसकी सभी ने भविष्यवाणी की थी। एक सप्ताह पहले एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में आइसीएमआर में महामारी एवं संचारी रोग विभाग के प्रमुख डा. समीरन पांडा ने कहा कि देश में तो तीसरी लहर के कोई सीधे संकेत नहीं मिल रहे हैं लेकिन कुछ राज्यों में संक्रमण के बढ़ते मामले इसकी आहट दे रहे हैं।https://www.amarujala.com/india-news/corona-virus-take-care-know-whether-the-danger-of-third-wave-of-infection-is-averted-or-not 
23 सितंबर 2021 को आजतक में प्रकाशित:  कैसी हो सकती हैं भविष्य में कोरोना की लहरें?विश्व स्वास्थ्य संगठन और वैक्सीन एलायंस GAVI का आकलन है कि आने वाले कई वर्षों तक कोरोना वायरस कहींजाने वाला नहीं है. कम या ज्यादा प्रभावी रूप में ये अलग-अलग देशों और उनके अलग-अलग इलाकों में उभरता रहेगा. इससे निपटने के उपायों के साथ-साथ लोगों को इसके साथ जीने की आदत डालनी होगी. WHO की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं- 'हम ऐसे फेज की ओर बढ़ रहे हैं जिसे endemicity कहा जा सकता हैटॉप भारतीय वायरालॉजिस्ट डॉ. गगनदीप कांग कहती हैं कि तीसरी लहर अगर आती है तो दूसरी लहर जितनी मजबूत होगी ये अभी कहना उचित नहीं है. https://www.aajtak.in/coronavirus/story/corona-endemicity-covid-19-third-wave-india-and-world-ntc-1330626-2021-09-23
4 अक्टूबर2021 को नवभारत में प्रकाशित : आईसीएमआर के बलराम भार्गव, समीरन पांडा और संदीप मंडल और इंपीरियल कॉलेज लंदन से तीसरीलहर अगर आती है तो दूसरी लहर जितनी मजबूत होगी ये अभी कहना उचित नहीं है. मालन अरिनामिनपथी द्वारा गणितीय मॉडल ‘कोविड-19 महामारी के दौरान और भारत के अंदर जिम्मेदार यात्रा’ पर आधारित यह ‘ओपिनियन पीस’ (परामर्श) ‘जर्नल ऑफ ट्रैवल मेडिसिन’ में प्रकाशित किया गया है.-"कोरोना वायरस संक्रमण और कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है. यदि किसी कारण से भीड़ होती है तो कुछ राज्‍यों में कोरोना की तीसरी लहर की स्थिति भयावह हो सकती है. विशेषज्ञों नेकहा है कि छुट्टियों की एक अवधि संभावित तीसरी लहर की आशंका को 103 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है और उस लहर में संक्रमण के मामले 43 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं | https://navbharattimes.indiatimes.com/india/mass-gatherings-can-create-horror-in-the-event-of-a-possible-third-wave-experts/articleshow/86758942.cms 
04 दिसंबर 2021 को अमर उजाला में प्रकाशित :आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने अपनी स्टडी के आधार पर दावा किया है कि तीसरी लहर जनवरी में शुरू हो जाएगी और फरवरी में इसका पीक रहेगा | 
18दिसंबर2021 को आजतक पर प्रकाशित : राष्ट्रीय COVID-19 सुपरमॉडल समिति ने कहा है कि देश में अभी हर दिन लगभग 7,500 कोरोना मामले आ रहे हैं लेकिन ये आंकड़ा ओमिक्रॉन के चलते बहुत जल्द बढ़ सकता है. समिति के प्रमुख विद्यासागर ने कहा कि ओमिक्रॉन के चलते देश में कोरोना की तीसरी लहर आएगी लेकिन ये दूसरी लहर की तुलना में कम प्रभावी होगी. उन्होंने  न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि कोरोना की तीसरी लहर अगले साल की शुरुआत में आने की संभावना है | 
18दिसंबर2021 को ABP न्यूज पर प्रकाशित :दवा कंपनी फाइजर (Pfizer) ने अनुमान लगाया है कि कोरोना महामारी 2024 तक खत्म नहीं होगी. फाइजर इंक (पीएफई.एन) ने शुक्रवार को पूर्वानुमान लगाया कि कोविड ​​​​महामारी 2024 तक पीछा नहीं छोड़ने जा रही है| कंपनी का अनुमान है कि 2024 तक इस बीमारी से संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा.https://www.abplive.com/news/world/pfizer-forecast-covid-19-pandemic-could-extend-to-2024-pfizer-forecast-came-after-emergence-of-omicron-variant-2019292
22 दिसंबर 2021 को दैनिक भास्कर में प्रकाशित : तीसरी कोविड लहर का सामना कर रहा भारत, फरवरी में चरम पर होगा संक्रमण !ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच, भारत में दिसंबर के मध्य से कोविड-19 की तीसरी लहर शुरू हो गई है और यह अगले साल फरवरी में अपने चरम पर पहुंच सकती है।आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर एम. विद्यासागर और आईआईटी कानपुर के मनिंदा अग्रवाल के अनुसार, दैनिक तौर पर मामले बढ़ने की उम्मीद है,गणित और सांख्यिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, सुभरा शंकर धर ने पेपर में लिखा है, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर दिसंबर 2021 के मध्य में शुरू होगी और मामले फरवरी 2022 की शुरुआत में चरम पर होंगे।यह अनुमान आईआईटी हैदराबाद और कानपुर की एक संयुक्त टीम के नेतृत्व में एक अलग अध्ययन सूत्र मॉडल पर आधारित है| 
25दिसंबर 2021 को cnrashtriya.com डॉट कॉम पर प्रकाशितIIT कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि तीसरी लहर का पीक जनवरी के अंतिम या फरवरी के शुरुआती सप्ताह में हो सकता है। ऐसे में अगर मार्च-अप्रैल में चुनाव होते हैं तो भयानक स्थिति खड़ी हो सकती है। कोरोना के बढ़ते मामले को नजरअंदाज कर चुनाव कराए जाते हैं तो इस बार दूसरी लहर से भी ज्यादा डरावनी स्थिति बन सकती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के विशषज्ञों ने ओमिक्रॉन को हल्के लक्षण वाला बताया हैं।https://cnrashtriya.com/national/corona-s-third-wave-can-bring-elections-in-five-states-to-be-held-omicon-may-wreak-havoc 
25दिसंबर 2021 को इंडिया डॉट कॉम पर प्रकाशित :आइआइटी कानपुर की एक रिसर्च टीम ने बताया है कि 3 फरवरी 2022 को कोरोना की तीसरी लहर आएगी. इस बीच डॉक्टरों ने दी चेतावनी है कि अगर अभी ओमिक्रॉन को नहीं रोका तो आने वाले दिनों में फिर मचेगी तबाही.!शोधकर्ताओं ने’ गॉजियन मिक्सचर मॉडल नाम के एक स्टेटिस्टिकल टूल का इस्तेमाल किया है. इसकी स्टडी में बताया गया है कि कोरोना की भारत में प्रारंभिक अवलोकन तिथि या (Initial Observation Date) 30 जनवरी 2020 है जब यहां कोविड-19 का पहला आधिकारिक मामला सामने आया था. इसलिए 15 दिसंबर 2021 से एक बार फिर कोरोना के केस फिर से बढ़ना शुरू हो रहे हैं और तीसरी लहर का पीक 3 फरवरी 2022 दिन गुरुवार को हो सकता है. रिसर्चर्स के मुताबिक, इस दिन कोरोना के सबसे अधिक केस दर्ज किए जा सकते हैं.
1 जनवरी 2022को आउट लुक डॉट कॉम पर प्रकाशित :फरवरी में पीक पर पहुँच सकता है ओमिक्रोन वेरिएंट, जानिए आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने क्यों किया ये दावा !उन्होंने दावा किया है कि फरवरी में ओमिक्रोन का पीक होगा, लेकिन मरीजों की संख्या न तो अधिक होगी और न ही मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की नौबत आएगी। उसके बाद फरवरी के बाद ओमिक्रोन की लहर धीर-धीरे कम होने लगेगी।
10 जनवरी 2022 को दैनिक जागरण में प्रकाशित :मौजूदा हालात से प्रो. मणींद्र अग्रवाल की बदली राय, कब पीक पर होगी कोरोना की तीसरी लहर !पद्मश्री से सम्मानित आइआइटी के प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने तीसरी लहर को लेकर राय स्पष्ट कर दी है। उनका मानना है कि यदि कोविड नियमावली का पालन न किया गया तो देश में कोरोना की तीसरी लहर फरवरी की शुरुआत में ही चरम पर पहुँच सकती है। उन्होंने कहा कि पूर्व में साउथ अफ्रीका के डाटा का अध्ययन करने पर तीसरी लहर फरवरी के अंत तक आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन नए आंकड़ों से संक्रमण फरवरी के शुरुआत में ही पीक पर आने की आशंका हैं।https://www.jagran.com/uttar-pradesh/kanpur-city-kanpur-iit-professor-manindra-agrawal-opinion-on-covid-third-wave-new-variant-omicron-jagran-special-22349631.html
9 जनवरी 2022 को बीबीसी लंदन में प्रकाशित:   कोरोना महामारी: 1-15 फरवरी के बीच आ सकता है तीसरी लहर का पीक- प्रेस रिव्यू !आईआईटी मद्रास के शुरुआती विश्लेषण में तीसरी लहर के 1 से 15 फ़रवरी के बीच पीक पर पहुँचने की आशंका जताई है | 
10 जनवरी 2022 को ABPन्यूज़ में प्रकाशित : मणींद्र अग्रवाल की माने तो उत्तर प्रदेश में जिस तरह से केस बढ़ रहे है वो आने वाले कुछ दिनों में स्थिति को और खतरनाक बना सकते हैं. ओमिक्रोन बहुत तेजी से खतरनाक हो रहा है | वो लोग भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं जो टीका लगवा चुके हैं | दिल्ली और मुंबई में पीक 15 से 16 जनवरी तक पहुँचने की संभावना है. पीक के दौरान मुंबई से अधिक केस दिल्ली में मिलेंगे.

13  जनवरी 2022 को पंजाब केशरी में प्रकाशित : फरवरी में अपने चरम पर होगी कोरोना की तीसरी लहर, एक दिन में आ सकते हैं करीब आठ लाख मामले !गणित और कंप्यूटर विज्ञान पर आधारित एक गणना और अनुमानों के मुताबिक भारत में कोरोना की तीसरी लहर अगले माह यानी फरवरी में अपने चरम पर होगी और इस दौरान एक दिन में कोरोना के चार से आठ लाख तक के मामले सामने आ सकते हैं। यह भी अनुमान लगाया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर मार्च के मध्य में समाप्त होने की संभावना है। इस गणना को करने वाले आईआईटी कानपुर में गणित और कंप्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि जिस मॉडल के तहत यह गणना की गई है वह दूसरों की तुलना में अधिक सटीक है।
14जनवरी 2022 को टीवी - 9 हिंदी डॉट कॉम में प्रकाशित : संयुक्तराष्ट्र रिपोर्ट का दावा :भारत में  तीसरी लहर में बरपेगा दूसरी लहर की तरह का कहर !कोविड-19 के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वेरिएंट के संक्रमण की नई लहरों के कारण मरने वालों की संख्या और आर्थिक नुकसान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है.इंडिया टुडे के मुताबिक, मिशिगन विश्वविद्यालय की डेटा साइंटिस्ट और एपिडेमियोलॉजिस्ट प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने कहा है कि जनवरी के आखिर तक कोरोना की तीसरी लहर भारत में पीक पर होगी. जबकि फरवरी तक इसके समाप्त होने के आसार हैं | 
17 जनवरी 2022 को दैनिक जागरण में प्रकाशित :कोरोना की तीसरी लहर दो दिन बाद 19 जनवरी को ही उत्तर प्रदेश में चरम पर होगी। इसके साथ ही देश में 23 जनवरी को यह लहर चरम पर हो सकती है। इसके कुछ दिनों में ही संक्रमण की रफ्तार तेजी से घटनी भी शुरू हो जाएगी और मार्च में खत्म हो सकती है।
22  जनवरी 2022 को ABP न्यूज  में प्रकाशित :प्रोफेसर मणींद्र ने फरवरी में कोरोना का पीक आने का दावा किया था. लेकिन तेजी से फैलते कोरोना के बाद उन्हें अपनी पिछली भविष्यवाणी में सुधार करना पड़ा. पद्मश्री से सम्मानित प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल गणितीय मॉडल के आधार पर भविष्यवाणी करते हैं. अगर ये बात सच साबित होती है तो ये देश के लिए गुड न्यूज साबित होगी. बता दें कि पूरे देश में तीसरी लहर के दौरान 21 जनवरी को रिकार्ड 3.47 लाख नए कोरोना के मामले आए थे. हालांकि 22 जनवरी को ये आंकड़ा घटकर 3.35 लाख ही रहा. 
14फरवरी 2022 को दैनिक जागरण में प्रकाशित :केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि तीसरी लहर मार्च में पूरी तरह समाप्त हो जाएगी | https://www.jagran.com/news/national-will-the-covid-19-pandemic-end-after-march-know-the-opinion-of-experts-on-the-third-wave-figures-22466939.html
8 मार्च  2022 को जी बिजनेस में प्रकाशित :विभिन्न वायरोलॉजिस्ट और अन्य लोगों की भविष्यवाणी  "कोरोना की कोई तीसरी लहर नहीं होगी |" इसके विषय में ICMR के पूर्व डायरेक्टरप्रख्यात वायरोलॉजिस्ट डॉ. टी जैकब जॉन ने  बताया कि कोरोना की तीसरी लहर Omicron वेरिएंट पर आधारित थी. किसी ने भी इसकी भविष्याणी नहीं की थी, और यह धारणा कि कोरोना की कोई तीसरी लहर नहीं होगी, उस समय मौजूदा वेरिएंट पर आधारित थी|21 जनवरी, 2022 के बाद से नए मामलों में गिरावट आनी शुरू हो गई थी. 21 जनवरी को कोरोना के 3,47,245 नए मामले सामने आए थे.

 IIT

कोरोना महामारी की तीसरी लहर :
9 अप्रैल 2021 को अमर उजाला में प्रकाशित : "नहीं आएगी तीसरी वेव" प्रो. मणींद्र ने कहा कि यूपी में संक्रमितों की संख्या काफी कम है। मॉडल के अनुसार यहां संक्रमण बढ़ने की संभावना भी काफी कम है। महाराष्ट्र में 10 अप्रैल से केस कम होने शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि केस शून्य तो नहीं होंगे, लेकिन संख्या काफी कम हो जाएगी। उन्होंने तीसरी वेव आने से भी इंकार किया है। प्रो. मणींद्र का कहना है कि तीसरी वेव जब तक शुरू होगी, उस समय तक 70 फीसदी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ चुकी होगी।
  25 जून 2021 को वन इंडिया डॉट कॉम पर प्रकाशित :फैक्ट चेक: क्या IIT कानपुर मॉडल के अनुसार, 15 जुलाई से भारत में तीसरी लहर आ सकती है। उनकी की भविष्यवाणी के मुताबिक 15 जुलाई तक भारत में कोरोना की तीसरी लहर आएगी?
18 दिसंबर 2021 को आजतक पर प्रकाशित : कोविड सुपरमाडल समिति ने तीसरी लहर की भविष्यवाणी की, जानें कितनी घातकहोगी !समिति के प्रमुख विद्यासागर ने कहा कि ओमिक्रॉन के चलते देश में कोरोना की तीसरी लहर आएगी लेकिन ये दूसरी लहर की तुलना में कम प्रभावी होगी.देश में तीसरी लहर आने पर बहुत खराब स्थिति हुई  तो प्रतिदिन दो- लाख से अधिक मामले नहीं होंगे. उन्होंने कहा- "मैं इस बात पर जोर देता हूं कि ये अनुमान हैं, भविष्यवाणियाँ नहीं. हम भविष्यवाणियाँ कर सकते अगर हम जानते हैं कि भारतीय आबादी पर वायरस का बरताव कैसा है | 
22 दिसंबर 2021 को दैनिक भास्कर डॉट कॉम पर प्रकाशित:तीसरी कोविड लहर का सामना कर रहा भारत, फरवरी में चरम पर होगा संक्रमण !ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच, भारत में दिसंबर के मध्य से कोविड-19 की तीसरी लहर शुरू हो गई है और यह अगले साल फरवरी में अपने चरम पर पहुंच सकती है।आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर एम. विद्यासागर और आईआईटी कानपुर के मणींद्र अग्रवाल के अनुसार, दैनिक तौर पर मामले बढ़ने की उम्मीद है,गणित और सांख्यिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, सुभरा शंकर धर ने पेपर में लिखा है, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर दिसंबर 2021 के मध्य में शुरू होगी और मामले फरवरी 2022 की शुरुआत में चरम पर होंगे।यह अनुमान आईआईटी हैदराबाद और कानपुर की एक संयुक्त टीम के नेतृत्व में एक अलग अध्ययन सूत्र मॉडल पर आधारित है | 
25दिसंबर 2021 को इंडिया डॉट कॉम पर प्रकाशित:आइआइटी कानपुर की एक रिसर्च टीम ने बताया है कि 3 फरवरी 2022 को कोरोना की तीसरी लहर आएगी. इस बीच डॉक्टरों ने दी चेतावनी है कि अगर अभी ओमिक्रॉन को नहीं रोका तो आने वाले दिनों में फिर मचेगी तबाही.!शोधकर्ताओं ने’ गॉजियन मिक्सचर मॉडल नाम के एक स्टेटिस्टिकल टूल का इस्तेमाल किया है. इसकी स्टडी में बताया गया है कि कोरोना की भारत में प्रारंभिक अवलोकन तिथि 30 जनवरी 2020 है जब यहां कोविड-19 का पहला आधिकारिक मामला सामने आया था. इसलिए 15 दिसंबर 2021 से एक बार फिर कोरोना के केस फिर से बढ़ना शुरू हो रहे हैं और तीसरी लहर का पीक 3 फरवरी 2022 दिन गुरुवार को हो सकता है|
8 जनवरी 2022 को नवभारत में प्रकाशित :अमेरिकी फर्म नोमूरा (Nomura) ने भारत में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान रोजाना 30 लाख केस दर्ज होने का डराने वाला अनुमान जताया है। वहीं अमेरिका के एक हेल्थ एक्सपर्ट ने अपनी रिसर्च में कहा है कि भारत में कोरोना की मौजूदा लहर का पीक अगले महीने यानी फरवरी में आएगा, उस दौरान देश में रोजाना 5 लाख केस आएंगे। जबकि भारतीय विज्ञान संस्थान ने रोजाना 10 लाख केस आने का अनुमान जताया है। और आईआईटी कानपुर की स्टडी है कि जनवरी में ही पीक आ जाएगा और हर दिन करीब 4-8 लाख केस आएंगे।फायनेंशियल सर्विसिज फर्म नोमूरा ने शुक्रवार को एक नोट में भारत में ओमीक्रोन के चलते तीसरी लहर से जुड़े अनुमान जारी किए। नोमूरा के मुताबिक, अगर भारत में ओमीक्रोन अमेरिका की तरह फैलता है तो पीक के दौरान डेली 30 लाख केस सामने आ सकते हैं। अपनी चेतावनी में फर्म ने कहा कि ओमीक्रोन की वजह से भारत की स्‍वास्‍थ्‍य व्यवस्‍था चरमरा सकती है।अगर भारत में ओमीक्रोन संक्रमण दक्षिण अफ्रीका के रास्‍ते पर चला तो डेली 7,40,000 मामले आने का अनुमान लगाया गया है। वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इव्योलूशन के डायरेक्टर डॉ क्रिस्टोफर मुर्रे ने कहा है कि, "भारत ओमीक्रोन वेव में प्रवेश कर रहा है, जैसा कि दुनिया के कई देश कर रहे हैं, और हमें अनुमान है कि जब इसका पीक आएगा तो पिछले साल डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले इसके ज्यादा केस आएंगे।"भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय सांख्यिकी संस्थान बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले जनवरी के तीसरे और चौथे हफ्ते में सबसे अधिक होंगे और फिर मार्च की शुरूआत होते-होते कम होने लगेंगे। इस संस्था ने कहा है कि रोजाना 3 लाख, 6 लाख या फिर 10 लाख तक मामले सामने आ सकते हैं।भारत में इस लहर की पीक कब आएगी इसे लेकर IIT कानपुर ने भी एक स्टडी की है। कानपुर IIT के प्रोफेसर डॉक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा है कि अनुमान के अनुसार जनवरी के आखिरी सप्ताह या फिर फरवरी के शुरुआत में तीसरी लहर का पीक हो सकता हैhttps://navbharattimes.indiatimes.com/video/news/opinions-of-world-experts-on-the-peak-of-coronavirus-third-wave/videoshow/88779391.cms

आईआईटी कानपुर के प्रो. मणींद्र अग्रवाल के वक्तव्य :
8 मई 2021को जी न्यूज पर प्रकाशित:प्रद्मश्री से नवाजे जा चुके IIT कानपुर के प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने तीसरी लहर अक्टूबर 2021 में आने की भविष्य वाणी की है।
19 जुलाई 2021 को वेबदुनियाँ पर प्रकाशित: IIT कानपुर के प्रो. माणिंद्र अग्रवाल ने तीसरी लहर अक्टूबर -नवंबर 2021 में आने की बात कही है । इसका प्रभाव दूसरी लहर से कम होगा | 
2-अगस्त-2021 को आजतक पर प्रकाशित:तीसरी लहर भारत में कोरोना की तीसरी लहर इसी महीने यानी अगस्त में ही आ सकती है. वहीं अक्टूबर में तीसरी लहर चरम पर होगी ,कोरोना को लेकर यह ताजा भविष्यवाणी शोधकर्ताओं ने गणित के मॉडल के आधार पर की है. इसमें आईआईटी हैदराबाद और कानपुर के मधुकुमल्ली विद्यासागर और मणींद्र अग्रवाल शामिल थे | 
23 अगस्त 2021 को न्यूज नेशन पर प्रकाशित:नहीं आएगी Corona की तीसरी लहर, अक्टूबर तक कई राज्य कोरोना मुक्त हो जाएँगे | कानपुर आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक और पद्मश्री पुरस्कार विजेता प्रो मणींद्र अग्रवाल ने दावाकिया है कि बच्चों के लिए घातक करार दी जा रही कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की अब आशंका नहीं के बराबर है. इसके लिए वह तेज गति से हो रहे टीकाकरण को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. तीसरी लहर की आशंका को निर्मूल साबित करता यह दावा प्रो अग्रवाल के गणितीय मॉडल पर आधारित है | 
30अगस्त2021को प्रभात खबर में प्रकाशित :आईआईटी-कानपुर के वैज्ञानिक मानिंद्र अग्रवाल का. कहना है भारत में कोरोना वायरस की तीसरी लहर अक्टूबर अंत या नवंबर पहले सप्ताह तक तीसरी लहर पीक पर पहुँचने की संभावना जताई है। वायरस का अगर कोई नया वैरिएंट नहीं आया तो इसकी तीव्रता खतरनाक नहीं होगी.
1 सितंबर 2021 को दैनिक जागरण में प्रकाशित :अक्टूबर-नवंबर के बीच अपने चरम पर पहुंच सकती है तीसरी लहर, दूसरी लहर से कम संक्रामक होने की है उम्मीद !https://www.jagranjosh.com/current-affairs/covid-19-third-wave-could-peak-between-oct-nov-expected-to-be-less-infectious-than-second-wave-1630423940-2

8 सितंबर 2021 को अमरउजाला में प्रकाशित :आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि अब यदि कोरोना का कोई नया वेरिएंट नहीं आया, तो देश में तीसरी लहर नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि अगर डेल्टा वेरिएंट ही रहा और कोई नया वेरिएंट नहीं आया तो यह मान लेना चाहिए कि हमने कोरोना के खिलाफ यह लड़ाई जीत ली है।https://www.amarujala.com/india-news/corona-virus-take-care-know-whether-the-danger-of-third-wave-of-infection-is-averted-or-not?pageId=1

4 दिसंबर 2021को अमरउजाला में प्रकाशित :आईआईटी के प्रोफेसर मणींद्र का दावा: आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने अपनी स्टडी के आधार पर दावा किया है कि तीसरी लहर जनवरी में शुरू हो जाएगी। फरवरी में इसका पीक रहेगा!जिस समय यह तीसरी लहर पीक पर होगी उस समय रोजाना एक लाख से डेढ़ लाख के बीच संक्रमित मरीजों के संभावना देखने को मिल रही है।
22 दिसंबर 2021 को दैनिक भास्कर में प्रकाशित:  तीसरी कोविड लहर का सामना कर रहा भारत, फरवरी में चरम पर होगा संक्रमण !ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच, भारत में दिसंबर के मध्य से कोविड-19 की तीसरी लहर शुरू हो गई है और यह अगले साल फरवरी में अपने चरम पर पहुंच सकती है।आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर एम. विद्यासागर और आईआईटी कानपुर के मणींद्र अग्रवाल के अनुसार, दैनिक तौर पर मामले बढ़ने की उम्मीद है,गणित और सांख्यिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, सुभरा शंकर धर ने पेपर में लिखा है, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर दिसंबर 2021 के मध्य में शुरू होगी और मामले फरवरी 2022 की शुरुआत में चरम पर होंगे।यह अनुमान आईआईटी हैदराबाद और कानपुर की एक संयुक्त टीम के नेतृत्व में एक अलग अध्ययन सूत्र मॉडल पर आधारित है | 
1 जनवरी 2022 को न्यूज -18 में प्रकाशित :Omicron को लेकर IIT कानपुर के प्रोफेसर का दावा- फरवरी में पीक पर होगी कोरोना की तीसरीलहर, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने क्यों किया ये दावा ! उन्होंने दावा किया है कि फरवरी में ओमिक्रोन का पीक होगा, लेकिन मरीजों की संख्या न तो अधिक होगी और न ही मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की नौबत आएगी। उसके बाद फरवरी के बाद ओमिक्रोन की लहर धीर-धीरे कम होने लगेगी।https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/coronavirus-peak-could-be-in-february-iit-kanpur-professor-claims-on-omicron-variant-has-a-good-news-3930089.html
3 जनवरी 22 को टीवी-9 में प्रकाशित :आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक मणींद्र अग्रवाल का दावा- अप्रैल तक ख़त्म हो जाएगी तीसरी लहर, चुनावी रैलियों को लेकर दी चेतावनी!दूसरी की तरह घातक नहीं होगी और ये अप्रैल तक ख़त्म हो जाएगी. हालांकि उन्होंने चुनावी रैलियों को लेकर चिंता जाहिर की है और कहा है कि ये संक्रमण को तेजी से फैलाने में मददगार साबित हो सकती हैं.यदि रैलियां होती हैं, तो संक्रमण समय से पहले गति पकड़ सकता है। मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि इन रैलियों में अक्सर कोविड गाइडलाइंस का पालन नहीं होता नज़र आता जो कि चिंता की बात है |(इसमें दोनों बातें कह दी गई हैं ) 
7 जनवरी 2022 को आजतक में प्रकाशित :डॉक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा है कि दिल्ली की स्थिति बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है लेकिन सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में 15 जनवरी के आसपास तीसरी लहर का पीक हो सकता है. इस दौरान 35 से 70 हजार केस रोजाना सामने आएँगे !प्रोफेसर अग्रवाल ने बताया कि साउथ अफ्रीका के डेटा पर आधारित हमारे पहले के अनुमान और इस अनुमान में अंतर है. उन्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका का डेटा भारत से काफी अलग है. समय के साथ हम अनुमानों को अधिक सटीक बनाएँगे. उन्होंने कहा कि भारत के लिए भविष्यवाणी करना अधिक कठिन है. हमारा अनुमान है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह या फिर फरवरी के शुरुआत में तीसरी लहर का पीक हो सकता है. इस दौरान 4 से 8 लाख केस प्रतिदिनआएँगे | 
10 जनवरी 2022को नवभारत में प्रकाशित :कोरोना थर्ड वेव पर भविष्यवाणी!भारत में पीक कब आएगा ?IIT कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि पूरे भारत के लिए फिलहाल डेटा नहीं है लेकिन हम अनुमान लगा रहे हैं कि इस महीने के आखिर या अगले महीने की शुरुआत तक पीक आ सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय पैरामीटर वैल्यूज लगातार बदल रहे हैं, ऐसे में सटीक रूप से नहीं कहा जा सकता !
10 जनवरी 2022 को ABP में प्रकाशित : मणींद्र अग्रवाल की माने तो उत्तर प्रदेश में जिस तरह से केस बढ़ रहे है वो आने वाले कुछ दिनों में स्थिति को और खतरनाक बना सकते हैं. ओमिक्रोन बहुत तेजी से खतरनाक हो रहा है | जिस तरह से केस बढ़ रहे हैं, अनुमान के मुताबिक देश में पीक के वक्त प्रतिदिन 8 से 9 लाख केस मिलने की संभावना है| जिन लोगों ने वैक्सीन लगवा भी ली है उन्हें भी यह संक्रमित कर रहा है. ऐसे में लोगों को सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी. प्रो मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक दिल्ली और मुंबई में पीक 15 से 16 जनवरी तक पहुँचने की संभावना है | 
13 जनवरी 2022 को पंजाब केसरी में प्रकाशित : प्रोफेसर मणींद्र की माने तो फरवरी में अपने चरम पर होगी कोरोना की तीसरी लहर, एक दिन में आ सकते हैं करीब आठ लाख मामले !
16 जनवरी 2022 को जी न्यूज में प्रकाशित :प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल का दावा है कि मुंबई और दिल्ली में कोरोना पीक पर है. जनवरी के अंतिम दिन तक यह पीक जारी रहेगा. फिर धीरे-धीरे कोरोना केस कम होने लगेंगे. मुंबई में 15 जनवरी के बाद और दिल्ली में अगले सप्ताह से कोविड संक्रमण के केस घटने लगेंगे.IIT कानपुर के प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर बताया है कि कोरोना अभी एक महीने और कहर बरपाएगा. जनवरी के आखिरी सप्ताह में कोरोना पीक पर होगा. 15 फरवरी से नए केस की संख्या घटने लगेगी. उन्होंने यह भी दावा किया है कि मार्च तक तीसरी लहर खत्म हो जाएगी | 
17 जनवरी 2022 को दैनिक जागरण में प्रकाशित :कोरोना की तीसरी लहर दो दिन बाद 19 जनवरी को ही चरम पर होगी। इसके साथ ही देश में 23 जनवरी को यह लहर चरम पर हो सकती है। इसके कुछ दिनों में ही संक्रमण की रफ्तार तेजी से घटनी भी शुरू हो जाएगी और मार्च में खत्म हो सकती है।इसके तहत उत्तर प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर दो दिन बाद 19 जनवरी को ही चरम पर होगी। इसके साथ ही देश में 23 जनवरी को यह लहर चरम पर हो सकती है।
21जनवरी 2022 को नवभारत में प्रकाशित :23 जनवरी से पीक पर होगा कोरोना, आईआईटी प्रफेसर पद्मश्री मणींद्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर बताया है कि कोरोना की तीसरी लहर 23 जनवरी से पीक पर होगी। इसका असर देशभर में देखने को मिलेगा। सटीक भविष्यवाणी तो नहीं की जा सकती है। लेकिन आकड़ों के आधार पर अनुमान है कि 15 फरवरी के बाद कोरोना के 15 से 20 हजार केस आएंगे। वहीं होली तक तीसरी लहर से निजात मिल सकती है। https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/ballia/dengue-is-only-on-tv-said-up-health-minister/videoshow/95325128.cms
22 जनवरी 2022 को ABP न्यूज पर प्रकाशित: कोरोना के केस बढ़ रहे हैं लेकिन ये मुसीबत जल्द खत्म होने के आसार हैं. कोरोना की तीसरी लहर में सबसे ज्यादा केस कल आने का दावा किया गया है. यानी इसके बाद कोरोना केसों में कमी आनी शुरू हो जाएगी. पहले ये अनुमान फरवरी के लिए था. सवाल है कि क्या अनुमान से भी तेजी से फैली है कोरोना की तीसरी लहर?प्रोफेसर मणींद्र ने फरवरी में कोरोना का पीक आने का दावा किया था. लेकिन तेजी से फैलते कोरोना के बाद उन्हें अपनी पिछली भविष्यवाणी में सुधार करना पड़ा. पद्मश्री से सम्मानित प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल गणितीय मॉडल के आधार पर भविष्यवाणी करते हैं. अगर ये बात सच साबित होती है तो ये देश के लिए गुड न्यूज साबित होगी. बता दें कि पूरे देश में तीसरी लहर के दौरान 21 जनवरी को रिकार्ड 3.47 लाख नए कोरोना के मामले आए थे. हालांकि 22 जनवरी को ये आँकड़ा घटकर 3.35 लाख ही रहा. लेकिन प्रोफेसर की बातों को कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है | 
29 जनवरी 2022 को अमर उजाला में प्रकाशित : 25 फरवरी के बाद देश में संक्रमित दस हजार से कम
 बचेंगे ! 


Comments

Popular posts from this blog

Mahamaari

विज्ञान खंड

महामारी मौसम के आधार पर ! 1008