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बुरे समय के कारण आंदोलित हो रहे थे जीव जंतु एवं पंचतत्व 1-1-2025
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म हामारी और प्राकृतिक वातावरण कोरोना जैसी महामारियों एवं भूकंप वर्षा बाढ़ आँधी तूफ़ान चक्रवात बज्रपात आदि मौसम संबंधी प्राकृतिक घटनाओं को समझने के लिए प्राकृतिक वातावरण को समझना होगा |संपूर्ण ब्रह्मांड में सबकुछ प्राकृतिक वातावरण के द्वारा ही नियंत्रित किया जा रहा है| इसीलिए महामारी ,मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं को अच्छी प्रकार से समझने के लिए एवं इनके विषय में सही सही अनुमान पूर्वानुमान आदि लगाने के लिए हवाओं के न केवल अच्छे बुरे प्रवाह को समझना होगा |प्रत्युत ये भी समझना होगा कि हवाओं के पास शक्ति कितनी है|वह शक्ति उनकी अपनी है या उनकी शक्ति का स्रोत कहीं और है | हवाओं की शक्ति के विषय में कल्पना की जाए तो ग्रहों नक्षत्रों का पिंड रूप में बना रहना,उनकी गति आदि हवाओं के द्वारा नियंत्रित है |बादलों के निर्माण से लेकर उन्हें कहीं लाने ले जा ने का कार्य हवाएँ ही सँभालती हैं| वर्षा होना आदि हवाओं के सहज प्रवाह से ही संभव हो पाता है | आकाश में तारों के टूटने,...
मौसम संबंधी प्राकृतिक घटनाओं का कोरोना महामारी से संबंध था या नहीं !1008 Prachin
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मौसम में बड़े बदलाव हो रहे हैं - भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा कहा जा रहा है कि 40 साल के डेटा की छानबीन की कई. जिससे पता लगा है कि मॉनसून के आने और उसके जाने की तारीख में हुए बदलाव हुए हैं | मॉनसून की विदाई अब देरी से हो रही है. आदि आदि !मॉनसून की वापसी पहले 1 सितंबर से शुरू हो जाती थी, जो 17 सितंबर के करीब विदा होता है. लेकिन अब इसमें देरी देखी जा रही है. इस बार की बात करें तो मॉनसून की विदाई 6 अक्टूबर को कही गई और अब 26 अक्टूबर तक देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पूरी तरह विदा होने के संकेत मिले हैं.| 22 जुलाई 21 -एक साथ 40 देशों में मौसम का प्रचंड रूप देखकर वैज्ञानिकों को जलवायु परिवर्तन का डर सताने लगा है | एशिया, यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका, चीन और रूस तक मौसम का प्रचंड रूप देखा जा सकता है. जो लोग यह मान रहे थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य का खतरा है, वो अब दिन पर दिन बदलते मौसम को देखकर हैरान हैं. दुनिया के कई देशों में पिछले कुछ हफ्तों में मौसम के बदलते मिजाज को देखा गया है. यूरोप से लेकर एशिया और न...